आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने थामा कांग्रेस का हाथ
आम आदमी पार्टी जब सत्ता में आई थी तो उसका उद्देश्य एकजुट होकर दिल्ली से भ्रष्टाचार को समाप्त करना था। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आप पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सफाई अभियान शुरू किया। मगर देखते ही देखते यह हुआ कि आप पार्टी धीरे-धीरे खुद ही साफ हो गई। अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी के एक-एक विधायक और नेता धीरे धीरे पार्टी से अलग होते चले गए और उन्होंने अलग होते होते पार्टी की कई कमियों को उजागर कर दिया। जो नेता आप पार्टी में बचे थे वह किसी न किसी कारण से कानूनी कार्यवाही हो में फंस गए।
आज के समय में अरविंद केजरीवाल की पार्टी की हालत एक तड़पती हुई मछली के समान है। आप पार्टी को एक और झटका देते हुए पार्टी से विधायक अलका लांबा शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष पीसी चाको की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई।
आम आदमी पार्टी से विधायक हैं अलका लांबा
दरअसल कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की घोषणा अलका लांबा ने ट्विटर पर पहले ही कर दी थी। पहले उनका शामिल होने का कार्यक्रम शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर होने वाला था। मगर किसी कारणवश शुक्रवार को वह पार्टी में शामिल नहीं हो सकी। जिसके बाद शनिवार को उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ दोबारा कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। उन्होंने सोनिया गांधी का धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि मैं सोनिया गांधी को दोबारा मुझे कांग्रेस सदस्य बनाए जाने के लिए आभार देती हूं। सोनिया गांधी इस समय कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष हैं।
कभी आपके लिए छोड़ा था कांग्रेस का साथ
2015 में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी के लिए अपना कांग्रेस पार्टी से 20 साल पुराना संबंध तोड़ दिया था। इसके बाद वह आप पार्टी से दिल्ली के चांदनी चौक से चुनाव लड़ी थीं और वहां से विधायक निर्वाचित होकर दिल्ली विधानसभा पहुंची थी। मगर एक बार फिर से उन्होंने कांग्रेस पार्टी ने वापसी कर ली है।
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